सुमेरगढ़ दुर्गा माता मंदिर परिसर में पौधरोपण, हरित भविष्य के लिए लोगों से आगे आने की अपील
गणेश चतुर्थी एवं हरितालिका तीज के अवसर पर भटहट-पनियरा मार्ग स्थित सुमेरगढ़ दुर्गा माता मंदिर परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नीम के पौधे रोपे गए और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पौधों की देखभाल और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कृष्ण मोहन सिंह बबलू ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना समय की जरूरत है। पौधरोपण केवल प्रकृति को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण देने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपने घर, खेत और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाने की अपील की।
समाजसेवी सुधीर चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि नीम औषधीय गुणों से भरपूर होने के साथ पर्यावरण के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। ऐसे पौधों का संरक्षण समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनोज कनौजिया ने कहा कि गांव के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में पौधरोपण की परंपरा को बढ़ावा देने से लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि लगाए गए पौधों को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाने में सहयोग करें।
इस अवसर पर राघवेंद्र सिंह, पप्पू मौर्या और अंकित मौर्या समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।