गंडक कई जगह उफान पर, सारण और मुजफ्फरपुर में तटबंध टूटे

कुशीनगर

गंडक कई जगह उफान पर, सारण और मुजफ्फरपुर में तटबंध टूटे

हिन्द सन्देश टाइम्स/भाषा

पटना। नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी कई स्थानों पर अपने पिछले सर्वाधिक बाढ़ स्तर (एचएफएल) से ऊपर बह रही है, जिससे बिहार में कुछ तटबंधों पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी

लाखों लोग हुए प्रभावित

एक बयान के अनुसार, गोपालगंज के डुमरियाघाट में पिछले लगभग 36 घंटे से गंडक नदी का जलस्तर पिछले सर्वकालिक उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। वहीं, सारण के रेवा घाट और वैशाली के लालगंज में जलस्तर पिछले लगभग 21 घंटे से एचएफएल से करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। बयान के मुताबिक, इससे गंडक के बाएं और दाएं दोनों तटबंधों पर अत्यधिक दबाव पैदा हो गया है। इसमें कहा गया है कि बुधवार रात

गांधी घाट पर जलस्तर 49.67 मीटर दर्ज

खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 36.96 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.38 मीटर ऊपर है। गंगा का जलस्तर पटना के दीघा, गांधी घाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में भी बढ़ रहा था। गांधी घाट पर जलस्तर 49.67 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.07 मीटर ऊपर है, जबकि हथीदह में यह 42.49 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.73 मीटर अधिक है। बैराजों पर सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर में गंडक नदी का डिस्चार्ज 95,340 क्यूसेक रहा, जो बुधवार रात आठ बजे के 99,505 क्यूसेक से कम है।

सारण जिले के पनापुर प्रखंड में दायां सारण तटबंध टूट गया। वहीं,

मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत मुख्य तटबंध के

तहत आने वाला रिंग तटबंध भी टूट गया। बयान में कहा गया, ‘गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे गंडक में पानी का दबाव बन रहा है तथा स्थिति और गंभीर हो गई है। कई संवेदनशील स्थानों पर पानी के रिसाव की सूचना मिली है, जहां बाढ़ नियंत्रण के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं और चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।’ डब्ल्यूआरडी ने कहा कि हालांकि गंडक का जलस्तर अब घट रहा है, लेकिन यह पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बना हुआ है और अगले 48 घंटे तक नदी का हाइड्रोलिक दबाव बने रहने की आशंका है।

विभाग ने कहा कि अन्य संवेदनशील स्थान फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। डब्ल्यूआरडी के अनुसार, बिहार की कई अन्य नदियों का जलस्तर भी बृहस्पतिवार को बढ़ता रहा। कई निगरानी केंद्रों पर बागमती, बूढ़ी गंडक और घाघरा में जलस्तर बढ़ने का रुख दर्ज किया गया।

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