सीजेपी आंदोलन : छावनी में तब्दील हुई नई दिल्ली कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में दिनभर चला राजनीतिक ड्रामा

कुशीनगर

सीजेपी आंदोलन : छावनी में तब्दील हुई नई दिल्ली

कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में दिनभर चला राजनीतिक ड्रामा

हिन्द सन्देश टाइम्स

एजेंसी, नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण विवाद और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा शुक्रवार को बुलाए गए ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के दौरान दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में दिनभर भारी राजनीतिक ड्रामा और गतिरोध चला। बाद में दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की एक्टिविस्ट नेहा बोरा समेत 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया। सीजेपी द्वारा सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे तिरंगा फहराने और मार्च निकालने के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने दोपहर से ही पूरे कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और मंडी हाउस इलाके को किले में तब्दील कर दिया था। एनडीएमसी द्वारा सेंट्रल पार्क को पहले ही बंद कर दिया गया था।

जैसे ही सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। दिपके ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, मैं अकेला तिरंगा लेकर खड़ा हूं, इससे कानून व्यवस्था कैसे

एनडीएमसी ने पहले ही बंद कर दिया था सेंट्रल पार्क

बिगड़ सकती है? हालांकि, पुलिस ने किसी भी अनहोनी और त्योहारी सीजन में ट्रैफिक व्यवस्था ठप होने की आशंका के तहत उन्हें और उनके प्रमुख सहयोगियों को तुरंत हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया। दिपके के डिटेन की खबर मिलते ही मंडी हाउस और जनपथ पर वामपंथी छात्र संगठनों और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय व दिल्ली विश्वविद्यालयके छात्रों ने विरोध मार्च शुरू कर दिया। इस दौरान नेहा बोरा को मंडी हाउस के समीप

भीड़ जमा करने की नहीं थी अनुमति

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय और स्थानीय दिशानिर्देशों के तहत त्योहारों के सीजन में व्यावसायिक स्थलों पर भीड़ जमा करने की अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने देर शाम तक स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया और 150 से अधिक लोगों को विभिन्न पुलिस स्टेशनों में ले जाकर डिटेन किया।

मार्च शुरू करते ही पुलिस ने डिटेन कर लिया। इसके अलावा सीजेपी के प्रमुख नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास के पूर्व में ही जेल में होने के कारण युवा प्रदर्शनकारियों ने बारखंभा रोड और पालिका बाज़ार के पास इक‌ट्ठा होकर नारेबाजी की। सीपीआई (एम)

17 Oct 2026

के सांसद जॉन ब्रिटास भी तिरंगा रैली में शामिल होने सेंट्रल पार्क की ओर बढ़े। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिपके व नेहा बोरा को डिटेन किए जाने को लोकतंत्र पर हमला बताया।

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