पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने बनाई राजनीतिक पार्टी

कुशीनगर

हिन्द सन्देश टाइम्स/कुशीनगर

लखनऊ। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने बृहस्पतिवार को जन नीति भारत नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की और कहा कि उनकी पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मित्तल ने एक्स पर एक वीडियो संदेश

कहा, पार्टी 2027 में लड़ेगी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव

फोन नंबर पर बहुत से लोगों ने भेजे थे संदेश

में कहा कि उनकी पार्टी नीति निर्माण की प्रक्रिया में आम लोगों को केंद्र में रखेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान लगातार जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहे, न कि केवल चुनाव के समय। पार्टी के

पार्टी का हर समर्थक निभाएगा प्रचारक की भूमिका

पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि जन नीति भारत के पास बड़े पैमाने पर विज्ञापन देने के लिए पैसे नहीं हैं, इसके बजाय वे घर-घर जाकर प्रचार करेंगे, जहां हर घर एक कार्यालय की तरह होगा और हर समर्थक एक प्रचारक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन्हें अपने गांवों और कस्बों में बुलाएं, उनके संदेश को कम से कम तीन अन्य लोगों तक पहुंचाएं और राजनीति नहीं, जन नीति के नारे का प्रचार करें। दिव्या मित्तल ने 13 साल के कैरियर के बाद 30 अगस्त को भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।

नाम और आगामी विधानसभा चुनाव में भाग लेने के फैसले की घोषणा

करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति आप पर शासन करती है।

जन नीति में आप ही वे होंगे, जो शासन करेंगे। मित्तल ने कहा कि राजनीति में प्रवेश करने संबंधी उनकी पिछली अपील पर प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही, क्योंकि उन्होंने जो फोन नंबर साझा किया था, उस पर बहुत से लोगों ने संदेश भेजे थे। नई पार्टी के पीछे के तर्क को समझाते हुए मित्तल ने कहा कि समस्या दलों की कमी नहीं है, समस्या यह है कि लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती। कुछ लोगों की सुनी जाती है, लेकिन सभी की नहीं।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था के विपरीत, जिसमें विधायक अक्सर सरकार और जनता के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं, जन नीति भारत के प्रतिनिधियों को नागरिकों के प्रति जवाबदेह रहना होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल भले ही एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते दिखें, लेकिन वे निर्णय-निर्माण को आम लोगों के हाथों से दूर रखने पर सहमत हैं।

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