गंडक नदी से धड़ल्ले से जारी है बालू तस्करी, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

उत्तर प्रदेश कुशीनगर


हिन्द सन्देश टाइम्स कुशीनगर
शिव शम्भू सिंह

कुशीनगर जनपद के जटहां थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। गंडक नदी के किनारे स्थित कई गांवों में वर्षों से बालू माफियाओं का नेटवर्क सक्रिय बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली बालू नदी से निकालकर विभिन्न स्थानों पर भेजी जा रही है, लेकिन इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाने में संबंधित विभाग अब तक प्रभावी कदम नहीं उठा पाए हैं। यही कारण है कि क्षेत्र में बालू तस्करी का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।जानकारी के अनुसार जटहां क्षेत्र के ग्राम पंचायत कटाई भरपुरवा के पास गंडक नदी के तट पर लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा है। नदी के किनारे कई स्थानों पर बालू निकालने के लिए रात और दिन दोनों समय ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य साधनों का इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह होते ही ट्रैक्टर-ट्राली की आवाजाही शुरू हो जाती है और देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहता है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि बालू तस्करों के हौसले काफी बुलंद हैं।
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के कारण गंडक नदी के तटों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। नदी के किनारों पर गड्ढे बन जाने से आसपास के खेतों और गांवों के लिए भी खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित बालू खनन से नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर भी असर पड़ता है और इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। इसके बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पा रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंडक नदी से निकलने वाली सफेद बालू की बाजार में काफी मांग है। इसी कारण बालू माफिया बड़े पैमाने पर नदी से बालू निकालकर उसे आसपास के कस्बों और अन्य जिलों में बेच रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार एक ट्रैक्टर-ट्राली बालू की कीमत हजारों रुपये तक होती है, जिससे बालू माफिया प्रतिदिन लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल लोग धीरे-धीरे आर्थिक रूप से मजबूत होते जा रहे हैं।ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अवैध खनन से सरकार को भी भारी नुकसान हो रहा है। यदि यही बालू सरकारी नियमों के तहत खनन कराकर बेची जाए तो इससे सरकार को राजस्व के रूप में अच्छी आय प्राप्त हो सकती है। लेकिन अवैध तरीके से बालू निकालकर बेचे जाने से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति होने की आशंका जताई जा रही है।क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि इस पूरे मामले में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिदिन बालू की ढुलाई होने के बावजूद यदि संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर पा रहा है तो यह स्थिति चिंताजनक है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध खनन के इस कारोबार में कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने की भी चर्चा है, जिसके कारण बालू माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं।
हालांकि इस मामले में जब दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने कुशीनगर के खनन अधिकारी से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उनके अनुसार जटहां क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई है। जांच के दौरान पांच लोगों की पहचान बालू माफिया के रूप में की गई है, जिनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है।
खनन अधिकारी ने यह भी बताया कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ समय-समय पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को अवैध खनन करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध तरीके से बालू ढोने वाले वाहनों को भी जब्त किया जा सकता है।इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक लगातार और कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गंडक नदी में हो रहे अवैध खनन को तत्काल बंद कराया जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि अवैध खनन केवल राजस्व का नुकसान ही नहीं पहुंचाता, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। यदि इसी तरह से नदी से लगातार बालू निकाली जाती रही तो आने वाले समय में नदी के तट कमजोर हो सकते हैं, जिससे बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका भी बढ़ सकती है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और जटहां क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू खनन के इस नेटवर्क पर कब तक प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। फिलहाल क्षेत्र के लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाई जाएगी।

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