राजस्व कर्मियों का आरोप: अनैतिक दबाव एवं नियम विरुद्ध बात न मानने पर हो रहा है राजस्व कर्मियों का उत्पीड़न
चाय पीते व घर जाते समय बुलाकर गिरफ्तार कर लेती एण्टीकरप्शन।
कैम्पियरगंज/गोरखपुर :-शनिवार को कैम्पियरगंज तहसील परिसर में राजस्व लेखपाल संगठन के बैनर तले राजस्वकर्मियों ने नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ कर अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा तहसील समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ताराचंद यादव, मंत्री प्रिंस कुमार जायसवाल ने कहा कि एण्टीकरप्शन द्वारा झूठे मामले बना कर दर्जनों राजस्व कर्मियों को जबरन गिरफ्तार किया जा रहा है जिससे राजस्व कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि कुछ छुटभैया दलालों द्वारा राजस्व कर्मियों पर मनमानी काम करने को लेकर अनैतिक दबाव बनाया जाता है और जब कोई भी राजस्व कर्मचारी उनके अनुसार नियमों के विरुद्ध कार्य करने को तैयार नहीं होता है तो वह एण्टीकरप्शन को बुलाकर जबरन रुपए जेब में डाल कर गिरफ्तारी कराने का काम किया जा रहा है ।
जबकि एण्टीकरप्शन को सबकुछ पता होता कि मामला ग़लत है फिर भी वह अपने टारगेट पूरा करने को लेकर राजस्व कर्मियों को जबरन रुपए हाथ में रखकर फोटो और वीडियो बनवाया जाता है और बिना किसी भ्रष्टाचार हुए तत्काल लेखपाल एवं अन्य राजस्व विभाग के कर्मियों की गिरफ्तारी की जाती है। राजस्व कर्मियों को कभी दुकान पर चाय पिलाने के बहाने बुलाकर तो कभी घर जाते समय एण्टीकरप्शन टीम गिरफ्तार कर लेती है।

उन्होंने कहा कि कभी कभी तो कुछ लोग अनपढ़ बनकर अपने रुपए को लेखपाल के हाथ में देकर उसे गिनती करने का अनुरोध करते हैं और जैसे ही कोई राजस्व कर्मचारी उस ब्यक्ति की मदद करता है तो उसी समय तत्काल एण्टीकरप्शन द्वारा झूठे मामले बना कर गिरफ्तार कर लिया जा रहा है। अगर इसी तरह से एण्टीकरप्शन द्वारा झूठे मामले में कार्रवाई की जायेगी तो आने वाले दिनों में कोई किसी की मदद करने को तैयार नहीं होगा।
धरने पर राजस्व निरीक्षक रमाशंकर,जद्दू सिंह, भगवन्त प्रसाद, अजय गुप्ता, अर्जुन प्रसाद, लेखपाल संघ उपाध्यक्ष विनीत कुमार सिंह, वरिष्ठ पदाधिकारी गिरजा दत्त पाण्डेय, हेमन्त शुक्ल, दिवाकर वर्मा, सुधीर मिश्रा, मोहित नायक, योगेन्द्र प्रताप सिंह,अमन भूषण, प्रवीण पाण्डेय, अमर भारती, सत्यानंद, संजय सिंह, गुरुबिंदर सिंह माधवी त्रिपाठी, संगीता, सुलेखा, कंचन दूबे, सहित दर्जनों लेखपाल एवं राजस्व कर्मी उपस्थित थे