उक्त विचार भाकपा-माले राज्य स्थाई समिति सदस्य राजेश साहनी ने भगत सिंह की शहादत दिवस पर सिसवा बाजार टाउन में आयोजित नागरिक सभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण के बाद कहा कि आज सामाजिक आर्थिक विषमता और चौड़ी होती जा रही है ।एक तरफ 100 करोड़ की आबादी मात्र 8 – 9 हजार रूपए/प्रति माह में अपने परिवार को जिंदा रखने पर मजबूर है। वही मात्र 10 पर्सेंट लोग ही देश की सारी पूंजी और संपत्ति पर कब्जा किए हुए हैं। जैसे अंग्रेज व्यापार के नाम पर सारी संपत्ति पर कब्जा करने के साथ-साथ पूरे देश को गुलाम बना लिए थे, आज के देश बड़े पूंजी पति ही 90% लोगों पर हुकूमत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का इंकलाब का नारा 90% लोगों के लिए समता समानता आजादी के साथ बेहतर जीवन देने का था।और अंग्रेजो की गुलामी से देश को आजाद कराने का भी नारा था।आज हमको एक बार फिर इस नारा के साथ संघर्ष को आगे बढ़ना होगा ।
इसके पूर्व उपस्थित लोगों ने पुष्पांजलि देते हुए भगत सिंह अमर रहे, इंकलाब जिंदाबाद, का नारा लगाकर उनके सपनों को मंजिल तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
नागरिक सभा की अध्यक्षता भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता कामरेड हरीश जायसवाल तथा संचालन जिला सचिव का. संजय निषाद ने किया। नागरिक सभा में रामनिवास भारती, विरेंद्र राव, बदरू निशा, रामकिशुन निषाद, द्वारपाल धामिया, कुसुम, संतोष रामपाल विश्वकर्मा सुग्रीव चौहान आदि ने अपना विचार व्यक्त किया।