उत्तर प्रदेश के महराजगंज में ग्राम प्रधान संगठन द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल विस्तार की मांग तेज हो गई है। इसी क्रम में ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शमा सिंह को सौंपा।
ग्राम प्रधान अध्यक्ष जनार्दन यादव के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल मई और जुलाई 2026 में समाप्त हो रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में समय पर पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है। ज्ञापन में मतदाता सूची पुनरीक्षण में देरी, पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रक्रिया लंबित होने और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं का अधूरा होना मुख्य कारण बताया गया है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत होगा। पूर्व के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा गया कि प्रशासक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी देखने को मिली है, जिससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य राज्यों—मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड—में समान परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाकर लोकतांत्रिक निरंतरता बनाए रखी गई है।
ग्राम प्रधान संगठन ने मांग की है कि वर्तमान हालात को देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे, लोकतांत्रिक व्यवस्था की निरंतरता कायम रहे और ग्रामीण विकास कार्य बाधित न हों।
अंत में संगठन ने मुख्यमंत्री से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।