घुघली ब्लॉक परिसर की हालत इन दिनों बेहद दयनीय हो गई है। परिसर में कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है मानो किसी सरकारी दफ्तर में नहीं बल्कि किसी कचरा घर में प्रवेश कर लिया हो। राजकीय पशु चिकित्सालय के आसपास से लेकर सचिव आवास तक चारों ओर झाड़-झंखाड़, गंदगी और बदबू का अंबार है। बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं।
स्थिति यह है कि सचिव आवास के पास आने वाले लोग जमीन पर गंदगी के बीच बैठने को मजबूर दिखते हैं। ब्लॉक परिसर में खड़े होते ही मच्छरों का आतंक महसूस होने लगता है। केवल दस मिनट रुकने पर ही वहां का नर्क जैसे हालात समझ में आ जाते हैं। सवाल यह है कि जब प्रशासनिक कार्यालय का यह हाल है तो अन्य जगहों की स्थिति कैसी होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही साफ झलक रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि ब्लॉक प्रशासन को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार ही नहीं है। लोग गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों से परेशान हों या बीमारियों का खतरा मंडराए, अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं।
स्थानीय लोग अब सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर कब तक अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोते रहेंगे। जनता उम्मीद कर रही है कि जिला प्रशासन इस पर तत्काल संज्ञान ले और जिम्मेदार अफसरों से जवाब-तलब करे। वरना यह लापरवाही कभी भी बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
वही इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी राजकुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ