कुशीनगरः बुखार से पीड़ित एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत
हिन्द सन्देश टाइम्स
शिव शम्भू सिंह
कुशीनगर। जिले के नेबुआ नौरंगिया के ढोलहा गांव में दो दिन के भीतर बुखार से पीड़ित एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में
घटना से स्वास्थ्य विभाग में मच गया हड़कंप
गांव में शिविर लगाकर शुरू कर दी है जांच
हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गांव में शिविर लगाकर जांच शुरू कर दी गई है और बच्चों की मौत के कारणों की भी जांच की जा रही है। इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के प्रभारी डॉ. रंजन कुमार मौर्य ने बताया कि टीम पिछले दो दिनों से शिविर लगाकर बच्चों की जांच व उपचार कर रही है। मौत
प्रभावित घरों के आसपास किया दवा का छिड़काव
इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के प्रभारी डॉ. रंजन कुमार मौर्य ने बताया कि टीम पिछले दो दिनों से शिविर लगाकर बच्चों की जांच व उपचार कर रही है। मौत के कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। डॉ. आफताब व फार्मासिस्ट मुश्ताक अंसारी के नेतृत्व में टीम ने गांव में शिविर लगाकर 57 बच्चों की जाब की। बुखार, मलेरिया व डेंगू की जांच के साथ आवश्यक दवाएं वितरित की गई। टीम ने प्रभावित घरों के आसपास दवा व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर स्वच्छता रखने की अपील की।
के कारणों को पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। डॉ.
आफताब व फार्मासिस्ट मुश्ताक अंसारी के नेतृत्व में टीम ने गांव
में शिविर लगाकर 57 बच्चों की जांच की। बुखार, मलेरिया व डेंगू की जांच के साथ आवश्यक दवाएं वितरित की गई। टीम ने प्रभावित घरों के आसपास दवा व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर स्वच्छता रखने की अपील की। इसके पहले डोलहा गांव के गुलहरिया टोला निवासी पिंटू गौड़ की सात वर्षीय बेटी मंजू बुखार से पीड़ित थी।
झोलाछाप डॉक्टर के उपचार से लाभ न मिलने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद तीन वर्षीय दूसरी बेटी खुशी की तबीयत बिगड़ने पर उसे भी जिला मुख्यालय ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया, जहां उसकी भी मौत हो गई। इधर पिंटू के बड़े भाई दशरथ के पांच वर्षीय पुत्र कृष्णा को भी तेज बुखार होने पर पडरौना ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।