उत्तर प्रदेश में टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गोरखपुर और कुशीनगर के पांच बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग का सर्च ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी रहा। गोरखपुर के कारोबारियों के परिसरों के साथ ही देवरिया स्थित एक शराब फैक्ट्री से भारी मात्रा में नकदी और जेवरात मिलने की सूचना है।
आयकर विभाग की टीमें गोरखपुर में ऑटोमोबाइल कारोबारी के स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित आवास और टैंकर कारोबारी की गीडा स्थित फैक्ट्री सहित कई ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, देवरिया की शराब फैक्ट्री समेत दो ठिकानों से अब तक करीब 75 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं।
वहीं कुशीनगर में रियल एस्टेट कारोबारी की संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए गोरखपुर से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। इस दौरान कारोबारी, एमडी और प्रबंधक के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में मंगलवार से चल रही इस कार्रवाई में 220 से अधिक अधिकारी शामिल हैं। जांच के दौरान रियल एस्टेट और शराब कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। अधिकारियों को रियल एस्टेट कारोबार में बड़े पैमाने पर ब्लैक मनी निवेश के पुख्ता सबूत मिलने की बात भी सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, एक ठिकाने से 70 लाख रुपये से अधिक नकदी मिलने पर जब पूछताछ की गई तो कारोबारी ने इसे अपने पार्टनर की राशि बताया। एक अन्य स्थान पर नकदी की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। इसके अलावा, एक कारोबारी के बैंक लॉकर को टीम की मौजूदगी में खुलवाया गया, जहां से अहम दस्तावेज और सोने के आभूषण बरामद हुए हैं।
कुशीनगर में रियल एस्टेट कारोबारी के ठिकानों से जब्त दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आयकर सूत्रों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन शुक्रवार देर शाम तक चल सकता है।
संपत्तियों का हो रहा मूल्यांकन
गुरुवार को रियल एस्टेट कारोबारी की संपत्तियों का आकलन करने के लिए विशेष टीम ने मकानों और अन्य परिसंपत्तियों का वैल्यूएशन किया। साथ ही कारोबार से जुड़े प्रमुख लोगों और उनके सहयोगियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। आयकर टीमें बैंक खातों और लॉकर की जानकारी भी जुटा रही हैं, जहां से बेनामी संपत्तियों से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।