गाजियाबाद जिले में शनिवार को एक बार फिर खाकी की साख पर सवाल खड़े हो गए। एंटी करप्शन मेरठ यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरादनगर थाने की पिंक बूथ प्रभारी महिला दारोगा प्रिया सिंह और हेड कांस्टेबल शाहिद को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपित दहेज प्रताड़ना के एक मामले में धाराएं कम करने और दो आरोपियों के नाम मुकदमे से हटाने के बदले कुल दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इसी रकम की पहली किस्त के रूप में शनिवार को 50 हजार रुपये लिए गए थे। दोनों के खिलाफ मोदीनगर थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला हापुड़ जिले के खड़खड़ी गांव निवासी रजनीश त्यागी से जुड़ा है, जिनकी शादी एक वर्ष पूर्व मुरादनगर के गांव डिडौली निवासी चंचल से हुई थी। रजनीश वर्तमान में मेरठ जिले में राजस्व लेखपाल के पद पर तैनात हैं। रजनीश के अनुसार, अक्टूबर 2025 में उनकी पत्नी ने उनके, माता-पिता और दो अन्य लोगों के खिलाफ मुरादनगर थाने में दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। बाद में वे जमानत पर रिहा हुए।
इस मामले की जांच मुरादनगर थाने की पिंक बूथ प्रभारी दारोगा प्रिया सिंह को सौंपी गई थी। जांच के दौरान रजनीश को थाने बुलाया गया, जहां हेड कांस्टेबल शाहिद ने उनसे दो लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि कहा गया कि रिश्वत देने पर मुकदमे की गंभीर धाराएं हटा दी जाएंगी और माता-पिता के नाम भी केस से निकाल दिए जाएंगे। रजनीश द्वारा इंकार करने पर पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई और लगातार दबाव बनाया गया।
परेशान होकर रजनीश ने एंटी करप्शन मेरठ यूनिट से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद शनिवार को एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और केमिकल लगे 50 हजार रुपये रजनीश को देकर मुरादनगर थाने भेजा। जैसे ही रुपये प्रिया सिंह और शाहिद को सौंपे गए, टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।