एसआईआर के विरोध में झामुमो ने किया लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन

कुशीनगर

हिन्द हन्देश टाइम्स
कुशीनगर उत्तर प्रदेश

रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोचां (झामुमो) ने बुधवार को रांची में लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

ऊंट पर सवार होकर भी पहुंचे कार्यकर्ता

सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने एसआईआर की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

झामुमो रांची जिला एवं महानगर समिति के आ‌ह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहले रांची विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान में जुटे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने लोकभवन की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ

कार्यकर्ता ऊंट पर सवार होकर भी पहुंचे। इस दौरान ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘चुनाव आयोग जवाब दो’ और ‘एसआईआर रद्द

M.

करो’ जैसे नारे लगाए गए।

राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने दावा किया कि बांग्ला भाषी नागरिकों को दस्तावेजों के नाम पर उलझाकर

आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा

झामुमो ने मांग की कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी वास्तविक मतदाता का नाम उचित सत्यापन तथा अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना नहीं हटाया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक अमित महतो, मुश्ताक आलम, अंतु तिर्की सहित खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और अन्य जिलों से आए झामुमो कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए।

उनके मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विधायक अमित महतो ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित आपत्तियों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में विभिन्न फैसलों को लेकर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई हैं। झामुमो रांची महानगर के संयोजक प्रमुख मुश्ताक आलम ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के नाम पर रांची के अलावा संथाल परगना, पूर्वी सिंहभूम और कोयलांचल जैसे क्षेत्रों में लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रही है।

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