गंदगी और लापरवाही बनी बीमारी फैलने की बड़ी वजह, कई मरीज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
गंभीर मरीज रेफर
पिछले 24 घंटे में कोटवा अस्पताल व जिला अस्पताल कुशीनगर में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। इनमें से छह माह की बच्ची समेत तीन की हालत गंभीर बताई गई। अब तक छह मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया जा चुका है। गांव के ही असरफी (50), सोनम (9 माह) और केवल (63) की हालत बिगड़ने पर उन्हें रेफर करना पड़ा।
गांव में दहशत
बरवां, रायपुर, भूड़ा मड़ार, बरई पट्टी, छावनी टोला, कुट्टी टोला, श्रीनगर व बड़वा टोला समेत कई हिस्सों में बुखार ने दस्तक दी है। निजी पैथोलॉजी जांच में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि हो रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग इसे वायरल फीवर बता रहा है।
गंदगी से बढ़ रहा संक्रमण
गांव के लोग बीमारी की बड़ी वजह गंदगी और सफाई की कमी को मान रहे हैं। नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं। गलियों में कीचड़ और सड़कों पर खरपतवार पसरा है। फॉगिंग तक नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि न ग्राम प्रधान और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी अब तक उनकी सुध लेने पहुंचे।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में न दवाएं हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ। मजबूरी में लोग झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। कई मरीजों को परिजन गोरखपुर, महराजगंज और लखनऊ तक ले जाने को विवश हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का बयान
मड़ार विन्दवलिया स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के फार्मासिस्ट गंगा शुक्ला का कहना है, “स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य टीम गांव-गांव जाकर उपचार कर रही है। लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए।”