हिन्द सन्दश टाइम्स
शिव शम्भू सिंह
पटना। बिहार में गंगा नदी के उफान पर आने से भोजपुर से भागलपुर तक हाहाकार मचा हुआ है। खासकर पूर्वी बिहार में संकट
भोजपुर से भागलपुर तक हाहाकार, 3 बच्चों की मौत
गहरा गया है। भागलपुर जिले में शहरी क्षेत्र के अलावा कहलगांव, पीरपैती, सबौर और सुल्तानगंज के कई गांवों में गंगा का पानी फैल गया है। नेशनल हाइवे 80 पर भी आवागमन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। बोजपुर जिले में गुरुवार को अलग-अलग जगहों पर बाढ़ के पानी में डूचने से 3 बच्चों की मौत हो गई। मुंगेर जिले में भी बाड़ का पानी शहरी इलाकों में फैल गया है। भोजपुर जिले के बड़हरा, शाहपुर और आरा सहित कई इलाकों में चाड़ भयावह होती जा रही है। गांवों और रास्तों पर पानी भर जाने के कारण डूबने से
लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। गुरुवार को बड़हरा और आरा प्रखंड में बाढ़ के पानी में स्कूली छात्र सहित दो चच्चों की मौत हो गई है। सखवासपुर में भी एक लड़के के डूबने की बात कही जा रही है। बुधवार को भी पो लोग बाढ़ के पानी में डूब गए थे। गरीब तबके के कई परिवार चमथा नंबर बांध पर खुले आसमान के नीचे डेरा डाले हुए हैं। गुरुवार की शाम तक यादुपुर पंचायत
के श्रवण टोल से चमथा दिवारे की सभी पांचों पंचायतों को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गई है। चमथा पुल से संझापुर जाने वाली सड़क पर करीब पांच फीट ऊंचा बाढ़ का पानी बह रहा है। जिले में सबौर के आगे एनएच के डायवर्जन पर पानी का भारी व्याव है। एनएच की टॉम वहां डायवर्जन की मजबूतीकरण में जुटी है। यहां कभी भी गाड़ियों का
पांच पंचायतों में बाढ का
पानी लगातार बढ़ा
बेगूसराय जिले के बछवाड़ा में गंगा बाया नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से चमाथा दियारे की सभी पांच पंचायतों में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। चमथा-एक, चमथा-दो, चमथा-तीन, दादुपुर व विशनपुर पंचायत के सैकड़ों घरों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। चिरैयांटोक, पंचखूंटी बसूलिया टोल, बिचली दीरी, लोवियाही, चमथा वक्की, गोपालपुर, जमाईन कात आदि दियारे की बस्तियों में बाढ़ की हालात भयावह बनने लगी है। इन बस्तियों के लोग अपने बाल-बच्चों व माल-मवेशियों के साथ घर छोड़ करनाव के जरिए गांव से बाहर सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकलने लगे हैं।
आवागमन बंद हो सकता है। इधर भागलपुर से अकबरनगर के बीच भी तेजी से एनएच की तरफ पानी बढ़ रहा है।