डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की हालत नाजुक, परिजनों ने की कार्यवाही की मांग
घुघली हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान पेट में छूट गई एक मीटर लंबी पट्टी, परिजनों ने की दोषी डॉक्टर पर कार्यवाही की मांग
महराजगंज :- घुघली क्षेत्र के पकड़ियार विशुनपुर गांव निवासी भीम यादव की हालत डॉक्टर की लापरवाही से नाजुक बनी हुई है। इस मामले में उनकी पत्नी उर्मिला यादव ने उत्तर प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को प्रार्थना पत्र देकर घुघली हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप लगाते हुऐ उर्मिला यादव ने बताया कि उनके पति को बवासीर की समस्या थी। इसी समस्या को लेकर 17 जून 2025 को घुघली हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने ऑपरेशन किया। चार दिन भर्ती रखने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। घर आने के बाद भीम यादव को लगातार तेज दर्द बना रहा, लेकिन डॉक्टर इसे सामान्य बताते हुए दवाइयाँ देते रहे।
स्थिति और बिगड़ने पर 10 सितम्बर को परिजन उन्हें गोरखपुर के पार्क हॉस्पिटल ले गए, जहाँ से हालत गंभीर देख उन्हें बीएचयू, वाराणसी रेफर कर दिया गया। बीएचयू में जांच के बाद चिकित्सकों ने 15 सितम्बर को पाया कि ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में एक मीटर लंबी पट्टी छूट गई थी। 17 सितम्बर को दोबारा ऑपरेशन कर पट्टी निकाली गई।
उर्मिला यादव ने आरोप लगाया है कि डॉ. श्रीवास्तव की घोर लापरवाही से उनके पति की जान पर बन आई है और वर्तमान में वह जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं। उन्होंने मुख्य सचिव से दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्यवाही करने और घुघली थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की है।
इस गंभीर मामले पर अब तक स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना से क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।