Lज्योतिष गुरुकुलम में श्रीमद् भागवत कथा : भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया
रुड़की। ज्योतिष गुरुकुलम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और पाप व अत्याचार बढ़ते हैं, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि जब कंस के अत्याचार चरम पर पहुँच गए और पूरी धरती पाप से व्याकुल हो उठी, तब पृथ्वी माता की करुण पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण ने इस धरा पर अवतार लिया। उन्होंने कंस का वध कर संसार को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया। आचार्य जी ने बताया कि इसी प्रकार त्रेतायुग में जब रावण ने पूरे विश्व में आतंक फैला दिया, ऋषियों के यज्ञ-हवन बंद करा दिए और प्रजा को पीड़ित किया, तब भगवान श्रीराम ने अवतार लेकर रावण का अंत किया और धर्म की स्थापना की।
कथा व्यास ने कहा कि भारत पुण्यभूमि है, यह धर्म और तपस्या की भूमि है, इसलिए भगवान के सारे अवतार यहीं हुए हैं। भारत की संस्कृति, परंपरा और विरासत महान है, जिस पर हमें गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे वसुदेव और देवकी ने भगवान को पुकारा, उसी प्रकार भक्त जब सच्चे मन से भगवान का आह्वान करते हैं, तो भगवान अवश्य अवतार लेकर उनके दुख दूर करते हैं। विशेष रूप से कलयुग में भगवान की भक्ति, पूजा-पाठ और नामजप से सारे कष्टों का निवारण होता है।
आज कथा के अंत में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भजन-कीर्तन के उपरांत सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर सौरभ भूषण शर्मा राधा, डॉ. अनिल शर्मा, राधा भटनागर, सुलक्षणा सेमवाल, चित्रा गोयल, रेनू शर्मा, अंजू सिंघल, शिखा गोयल, सिद्धार्थ गोयल, देवेंद्र शर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।