प्रह्लाद की पुकार पर भगवान नरसिंह का अवतार : आचार्य रमेश महाराज

उत्तर प्रदेश महराजगंज

रुड़की। ज्योतिष गुरुकुलम में श्रीभागवत कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास आचार्य रमेश महाराज जी ने कहा कि प्रहलाद की पुकार पर भगवान नरसिंह का अवतार हुआ। प्रहलाद जी ने भगवान की आराधना व उपासना की, तो भगवान प्रकट हुए और नरसिंह के रूप में राक्षस राज हिरण्यकश्यप का अंत किया। वह अहंकारी था।

आचार्य जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ही सृष्टि के मुख्य आधार हैं और उनकी भक्ति का वर्णन श्रीमद्भागवत कथा में पूर्ण रूप से किया गया है। उन्होंने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान की लीलाओं का वर्णन सुनने से परम आनंद की अनुभूति होती है। भक्ति और भजन करने से जीवन सफल होता है और दिव्य धाम की प्राप्ति होती है।

उन्होंने कहा कि कलयुग में काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार के कारण मनुष्य भगवान को भूल रहा है। इसलिए परमात्मा की प्राप्ति के लिए इन दुर्गुणों को छोड़कर भगवान का भजन करना आवश्यक है।

आचार्य जी ने कहा कि आजकल प्रकृति में भयंकर तांडव चल रहा है। भयंकर वर्षा और बादल फटने जैसी घटनाएं हो रही हैं। यह सब पापों की वृद्धि और गौहत्या के कारण हो रहा है। प्रकृति दंड दे रही है। इसलिए निरंतर साधना, उपासना और आराधना करनी चाहिए। मां शक्ति दुर्गा की आराधना और भगवान नारायण की पूजा करने से संकट दूर होते हैं।

कथा में सुलक्षणा सेमवाल, इंद्रमणि सेमवाल, प्रकाश शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, रामकुमार शर्मा, रितु वर्मा, राधा भटनागर, चित्रा गोयल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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