महराजगंज। सिसवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा परसा गिदही में हुए बिल–बाउचर घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम प्रधान और सचिव पर मिलीभगत कर जनता के धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया जा रहा है।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
मिली जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल 2025 को ग्राम पंचायत स्तर पर दो अलग–अलग बाउचर जारी किए गए।
पहले बाउचर में ₹1,94,106 का भुगतान
दूसरे बाउचर में ₹59,692 का भुगतान
ये दोनों भुगतान वैष्णो इंटरप्राइजेज हरखपुरा के नाम पर किए गए।
लेकिन जब ग्रामीणों ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि दोनों बाउचरों के साथ संबंधित सामग्री/सामान की खरीददारी के बिल ही संलग्न नहीं थे। इसके स्थान पर मात्र गौ सदन मटियरिया पंचायत सहायक/स्वयं सहायता समूह को ₹6000 उपलब्ध कराने संबंधी बिल संलग्न किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर बड़े पैमाने पर जालसाजी की है। वास्तविक भुगतान को छिपाकर फर्जी बिल लगाकर भारी भरकम धनराशि अपने खातों में समायोजित कर ली गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वैष्णो इंटरप्राइजेज हरखपुरा इस पूरे खेल का हिस्सा है, जिसके माध्यम से सरकारी धन को निकाला गया।
एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा –
“गांव के विकास कार्य ठप हैं, सड़कों और नालियों की हालत खराब है, मगर प्रधान और सचिव मिलकर जनता के पैसे से ऐशो–आराम कर रहे हैं।”
प्रशासन की चुप्पी
मामले के उजागर होने के बाद भी अभी तक उच्च अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर शीघ्र जांच नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से धरना–प्रदर्शन करेंगे और डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
क्या कहते हैं जानकार?
स्थानीय जानकारों का मानना है कि यदि संबंधित विभाग इस मामले की गहन जांच करे तो और भी कई बाउचर घोटाले सामने आ सकते हैं। पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के नाम पर आने वाले करोड़ों रुपये का सही उपयोग नहीं हो रहा है और भ्रष्टाचारियों की जेबें भर रही हैं।