भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कर दिया बर्बाद : अखिलेश यादव
हिन्द सन्देश टाइम्ह
शिव शम्भू सिंह
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। भाजपा की गलत नीतियों ने छात्रों, नौजवानों का भविष्य खराब कर
परीक्षा घोटालों की हो जांच
दिया है। शिक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कभी नहीं हुआ जैसा भाजपा सरकार में हो रहा है। प्रेस नोट जारी कर श्री यादव ने कहा कि अब-जब मुख्यमंत्री जी एसआईआर की तर्ज पर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में टीआईआर (थ्रो इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट) लाने का आदेश दे रहे हैं तो सभी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की भी जांच हो, जो संगी साथियों की पर्ची के लेनदेन से
पदों पर बैठे हैं। विश्वविद्यालयों के वित्तीय अनियमितताओं और परीक्षा
घोटालों की भी जांच हो। शिक्षकों की नियुक्तियों में आरक्षण घपले की जांच हो। विश्वविद्यालयों में इस मामले की भी जांच हो कि किस तरह से नॉट फाउण्ड सूटेबल (एन.एफ.एस.) को पीडीए के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही विश्वविद्यालयों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की गड़बड़ी की भी पड़ताल हो।
एजेण्डे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा हो कि जांच की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता का आदर्श प्रस्तुत करने के लिए जांच वहां से शुरू हो। जहां के कर्ता-धर्ता स्वयं मुख्यमंत्री जी है। शिक्षा व्यवस्था में तभी सुधार होगा जब भाजपा सरकार सत्ता से बाहर जाएगी। तभी नौजवानों का भविष्य बेहतर बनेगा। भाजपा सरकार के एजेण्डे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार नहीं है। अगर इस सरकार के एजेण्डे में शिक्षा होती तो वह 27 हजार प्राथमिक स्कूलों को बंद नहीं करती। यह सरकार गरीबों के बच्चों को शिक्षा से दूर रखना चाहती है। भाजपा सरकार नौजवानों, छात्रों से झूठे वादे करके गुमराह कर रही है।
हिन्द सन्देश टाइम्ह
शिव शम्भू सिंह
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। भाजपा की गलत नीतियों ने छात्रों, नौजवानों का भविष्य खराब कर
परीक्षा घोटालों की हो जांच
दिया है। शिक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कभी नहीं हुआ जैसा भाजपा सरकार में हो रहा है। प्रेस नोट जारी कर श्री यादव ने कहा कि अब-जब मुख्यमंत्री जी एसआईआर की तर्ज पर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में टीआईआर (थ्रो इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट) लाने का आदेश दे रहे हैं तो सभी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की भी जांच हो, जो संगी साथियों की पर्ची के लेनदेन से
पदों पर बैठे हैं। विश्वविद्यालयों के वित्तीय अनियमितताओं और परीक्षा
घोटालों की भी जांच हो। शिक्षकों की नियुक्तियों में आरक्षण घपले की जांच हो। विश्वविद्यालयों में इस मामले की भी जांच हो कि किस तरह से नॉट फाउण्ड सूटेबल (एन.एफ.एस.) को पीडीए के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही विश्वविद्यालयों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की गड़बड़ी की भी पड़ताल हो।
एजेण्डे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा हो कि जांच की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता का आदर्श प्रस्तुत करने के लिए जांच वहां से शुरू हो। जहां के कर्ता-धर्ता स्वयं मुख्यमंत्री जी है। शिक्षा व्यवस्था में तभी सुधार होगा जब भाजपा सरकार सत्ता से बाहर जाएगी। तभी नौजवानों का भविष्य बेहतर बनेगा। भाजपा सरकार के एजेण्डे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार नहीं है। अगर इस सरकार के एजेण्डे में शिक्षा होती तो वह 27 हजार प्राथमिक स्कूलों को बंद नहीं करती। यह सरकार गरीबों के बच्चों को शिक्षा से दूर रखना चाहती है। भाजपा सरकार नौजवानों, छात्रों से झूठे वादे करके गुमराह कर रही है।