आजादी के वर्षों बाद भी पुल, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य से वंचित ग्रामीण
महराजगंज :- जनपद महाराजगंज के अन्तर्गत सिसवा विधानसभा क्षेत्र का जंगल में स्थित एक गांव सोहगीबरवा आजादी के बाद से अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जंगल के भीतर बसे इस गांव तक पहुँचने के लिए आज भी कोई पक्का रास्ता या पुल नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
नदी पार बसें सोहगीबरवा के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न तो पक्के मकान हैं, न बिजली, न पीने का साफ पानी, न स्वास्थ्य सुविधा और न ही शिक्षा की समुचित व्यवस्था। गांव में केवल एक प्राथमिक विद्यालय है, जहां बच्चों को कक्षा 5 तक की औपचारिक डिग्री तो मिल जाती है, लेकिन आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं।
झुग्गी-झोपड़ियों में जीवन, बाढ़ और बीमारियों का साया
रमाकांती त्रिपाठी एडवोकेट समाज सुधारक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं अखिल भारतीय सर्वजन हित पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने जानकारी देते हुऐ बताया कि ग्रामीण झुग्गी-झोपड़ियों में आदिमानव जैसी परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही भीषण बाढ़ आ जाती है, जिससे झोपड़ियां बह जाती हैं और लोग बेघर हो जाते हैं।
जहरीले मच्छरों, संक्रामक बीमारियों और जंगली जानवरों का भय हर समय बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष बरसात में कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर असमय मौत का शिकार हो जाते हैं।
वोट लेकर भूल जाते हैं जनप्रतिनिधि’
गांव के लोगों का आरोप है कि आजादी के बाद अब तक किसी सांसद या विधायक ने इस गांव की सुध नहीं ली। चुनाव के समय वोट मांगने के लिए नेता पहुंचते हैं, लेकिन जीतने के बाद उनका कोई अता-पता नहीं रहता।
ग्रामीणों की पीड़ा इस कदर बढ़ चुकी है कि कुछ लोगों का कहना है कि “हमें भारत से जोड़ने का क्या फायदा, जब यहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ही नहीं है। हमें नेपाल या किसी और देश में शामिल कर देना चाहिए।”
पूरे जनपद में विकास पर सवाल
अखिल भारतीय सर्वजन हित पार्टी की राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रमाकांती त्रिपाठी एडवोकेट ने इस स्थिति पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि—
“महाराजगंज का यह गांव ही नहीं, बल्कि जनपद के तमाम गांव आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से वंचित हैं। गड्ढा मुक्त भारत और निर्मल भारत मिशन के दावे कागजों तक सीमित हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यहां के सांसद और विधायक ने न तो जनहित में कोई आंदोलन किया, न ही जनता की आवाज को सदन तक पहुंचाया।
युवाओं को रोजगार नहीं, नशे की गिरफ्त में पीढ़ी
रमाकांती त्रिपाठी ने कहा कि जिले के युवाओं के लिए न रोजगार है, न उद्योग, न कल-कारखाने। बेरोजगारी के चलते युवा भटक रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय शराब और पैसे बांटकर वोट खरीदे जाते हैं, जिससे नई पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है। शिक्षा और संस्कार की जगह शराब और ड्रग्स ने ले ली है, जिससे सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है।
जनता से जागरूक होने की अपील
उन्होंने जिले की जनता, विशेषकर युवाओं और नारी शक्ति से अपील की कि वे मूकदर्शक न बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें।
उन्होंने कहा कि—
“जब तक जनता सवाल नहीं पूछेगी और नए, ईमानदार नेतृत्व को आगे नहीं लाएगी, तब तक विकास सिर्फ भाषणों में ही रहेगा।”
भौतिक सत्यापन की मांग
रमाकांती त्रिपाठी एडवोकेट समाज सुधारक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं अखिल भारतीय सर्वजन हित पार्टी ने मांग किया है कि यदि सांसदों और विधायकों के कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो विकास के नाम पर हुई अनदेखी और कथित भ्रष्टाचार स्वतः सामने आ जाएगा।