खड़ा कुशीनगर
शिव शंभू सिंह
आजादी से सुरभित जीवन
देश,काल,उन्नति का यौवन
कालजयी संस्कृति का दर्पण
सब धर्मों का सुंदर संगम!
ऐसी भारत-भूमि को वंदन
नतमस्तक हम करें अभिनंदन
सजा चलें मस्तक पर चन्दन
विश्व- विजय की ध्वजा विहंगम!
करने गर्वित त्रिवर्ण स्वर को
गाँधी,नेहरू,शास्त्री आये
न्योछावर हो निज आहुति को
माँ के पुत्र-सुपुत्री आये!
अगणित ऐसे मनु-रत्नों ने
सजा भारती-भाल सँवारा
धरा-धाम पर सबसे अनुपम,
पावन यह गणतंत्र हमारा!
रचनाकार:आशा शर्मा (स.अ.)उच्च प्राथमिक विद्यालय खड्डा,क्षेत्र-खड्डा,जनपदकुशीनगर