
शिक्षा प्रेरकों ने उठाया बकाया मानदेय तथा प्रेरक बहाली की मांग
महराजगंज। जिले के शिक्षा प्रेरकों ने वर्षों से बकाया मानदेय का भुगतान न होने और प्रेरक पद से बाहर कर दिए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग की उपेक्षा के कारण सैकड़ों प्रेरक एवं उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कई परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
शिक्षा प्रेरकों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक साक्षरता अभियान एवं शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। गांव-गांव जाकर निरक्षरों को शिक्षित करने, लोगों को जागरूक करने तथा सरकारी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद उनका बकाया मानदेय आज तक नहीं दिया गया और बाद में उन्हें पद से भी बाहर कर दिया गया।
प्रेरकों ने शासन से अनेकों बार किया मांग
प्रेरकों का आरोप है कि कई बार शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बकाया मानदेय के भुगतान तथा पुनः समायोजन की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आर्थिक तंगी के कारण कई प्रेरकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
शिक्षा प्रेरकों ने सरकार से मांग की है कि उनका लंबित मानदेय शीघ्र जारी किया जाए तथा उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रेरकों ने वर्षों तक दिए शिक्षा
प्रेरकों का कहना है कि वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवा देने के बाद आज वे स्वयं अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मानवीय आधार पर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की है।
(रिपोर्ट__मदन मुरारी चौबे)