महराजगंज। लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के सम्मान समारोह में चार महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया गया। इन योजनाओं का लाभ महराजगंज जिले के 4657 रसोइयों को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रसोइयों का मानदेय बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और परिधान मद में भी बड़ी राहत दी है।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश के सभी रसोइयों एवं उनके परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा रसोइयों का मानदेय 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी दिया जाएगा। वहीं वर्ष में एक बार मिलने वाली परिधान राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के समानांतर महराजगंज में भी जनपद एवं तहसील स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। तहसील सदर के सभागार के साथ नौतनवा, फरेंदा और निचलौल तहसील सभागार तथा पनियरा ब्लॉक सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया।
जनपद स्तरीय कार्यक्रम में सदर विधायक “जय मंगल कन्नौजिया”, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल, मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार सदर, खंड शिक्षा अधिकारी सदर समेत रसोइये मौजूद रहे। विधायक ने सरकार की चारों योजनाओं को रसोइयों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
फरेंदा में विधायक एवं नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश जायसवाल, नौतनवा में विधायक ऋषि त्रिपाठी, पनियरा में विधायक ज्ञानेंद्र सिंह तथा निचलौल में सिसवा विधायक के प्रतिनिधि एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
जिले के पांचों कार्यक्रमों में कुल 60 रसोइयों को प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा कार्ड एवं बढ़े हुए मानदेय की 3000 रुपये की प्रतीकात्मक चेक राशि वितरित की गई। इसके साथ ही रसोइया संघ के पदाधिकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से लंबे समय से विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी निभा रहे रसोइयों में खुशी का माहौल है। मानदेय वृद्धि के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा और दुर्घटना बीमा मिलने से रसोइयों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है।