हिन्द सन्देश टाइम्स
नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा में नेता
प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। करीब सवा घंटे की देरी से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचा रहे हैं और उन्हें कानून से ऊपर रखा गया है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और विभिन्न विधानसभा चुनावों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। राहुल गांधी ने कहा कि वह बिना आधार के आरोप नहीं लगा रहे हैं और अपने दावों के समर्थन में पहले भी सबूत सामने रख चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर पहले लगाए गए अपने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाताओं के वोट की रक्षा करना है। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों के खिलाफ समय के साथ एंटी-इन्कंबेंसी यानी सत्ता विरोधी रुझान पैदा होना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश युद्ध के बाद लोकप्रियता के चरम पर होने के बावजूद
कुछ वर्षों में उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बना था। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों में सत्ता विरोधी रुझान को लेकर सवाल खड़े होते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जहां लोकतंत्र कमजोर होता है, वहां सत्ता के खिलाफ जनता की प्रतिक्रिया भी कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने इराक और उत्तर कोरिया का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने कहा कि वोट लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उनके मुताबिक, यदि मताधिकार की प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है तो उसका असर संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित सांसद यदि कथित रूप से गलत तरीके से प्राप्त वोटों के आधार पर संसद पहुंचते हैं तो उनके द्वारा बनाए गए कानूनों और किए गए संस्थागत बदलावों की वैधता पर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी’ की कड़ी बताते हुए कहा कि यह केवल चुनाव तक सीमित मामला
नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों का भी उल्लेख किया। यह मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से विभिन्न मामलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, चुनावः आयोग ने इन रिपोटों के बाद कहा है कि आंतरिक नोट, टिप्पणियां और अलग-अलग विचार सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। राहुल गांधी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों की सच्चाई आने वाले समय में और स्पष्ट होगी। उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीनों में स्थिति ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का वोट सबसे महत्वपूर्ण है और चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।