नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से डीएम ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण, तटबंधों की सुरक्षा को लेकर दिए सतर्कता के निर्देश

कुशीनगर

हिन्द सन्देश टाइम्स

खड्डा कुशीनगर। नेपाल में पिछले तीन दिनों से हो रही छिटपुट बारिश तथा नेपाल से गंडक (नारायणी) नदी में पानी छोड़े जाने के कारण जनपद के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से हरिहरपुर, मरचहवा, शिवपुर, महदेवा, सालिकपुर सहित आसपास के गांव प्रभावित हुए हैं।

स्थिति को देखते हुए *जिलाधिकारी संजय चौहान* ने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया तथा *छितौनी तटबंध एवं विरभार ठोकर* का निरीक्षण कर तटबंधों की सुरक्षा एवं नदी के बढ़ते जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली।

*सुबह 6:35 बजे छोड़ा गया 4 लाख क्यूसेक पानी जनपद की सीमा के पास पहुंच रहा: डीएम*

जिलाधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती जनपद होने के कारण नेपाल से गंडक नदी में समय-समय पर बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। रविवार सुबह 6:35 बजे लगभग *4 लाख क्यूसेक पानी* छोड़ा गया था, जो अब जनपद की सीमा के पास से गुजर रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में *2 गांवों के लगभग 1400 परिवार प्रभावित* हैं। गांवों में जाने वाले मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। लगभग *600 परिवारों को बाढ़ चौकी के पास तटबंध पर सुरक्षित शिफ्ट* किया गया है। उनके लिए भोजन एवं रहने की व्यवस्था की गई है तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैंप भी लगाया गया है। पीएसी की फ्लड वाहिनी एवं एसडीआरएफ की टीम मौके पर तैनात है।

*तटबंधों पर विशेष सतर्कता*

डीएम ने छितौनी तटबंध एवं विरभार ठोकर के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जाए। कहीं भी कटान, रिसाव अथवा क्षति की स्थिति दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है।

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