सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा इंडिया गठबंधन का ‘शक्ति प्रदर्शन’, विपक्षी दलों का दिल्ली में जोरदार हुंकार

कुशीनगर

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा इंडिया गठबंधन का ‘शक्ति प्रदर्शन’

विपक्षी दलों का दिल्ली में जोरदार हुंकार सुप्रीम सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा इंडिया गठबंधन का ‘शक्ति प्रदर्शन’

विपक्षी दलों का दिल्ली में जोरदार हुंकार सुप्रीम कोर्ट के नाम सौंपा ज्ञापन

हिन्द सन्देश टाइम्स नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया में कथित वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर इंडिया गठबंधन ने सड़कों से लेकर सर्वोच्च अदालत तक एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड जंक्शन से ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ की शुरुआत हुई। हाथों में तिरंगा, संविधान की प्रतियां और तानाशाही विरोधी तख्तियां थामे हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ा।

प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 37,000 से अधिक जवान तैनात थे।

कनॉट प्लेस से शुरू किया ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’

अर्धसैनिक बलों के 37,000 से अधिक जवान तैनात

राजीव चौक, पटेल चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय समेत 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद कर दिए गए और सीमाओं पर

बैरिकेड्स तोड़े जाने से तनावपूर्ण हुई स्थिति

मार्च के दौरान सुरक्षा वैरिकेड्स तोड़े जाने से स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इसके बावजूद, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और सौगत राय की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई और औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन और याचिका में तीन मुख्य मांगें रखी गईः मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर तुरंत रोक तथा चुनाव आयुक्तों के चयन बोर्ड में सीजेआई को दोबारा शामिल करना तथा पोस्टल बैलेट के जरिए हुई कथित धांधली की निष्पक्ष जांच।

कड़ी नाकेबंदी की गई।

इस मार्च की अगुवाई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने की। उनके साथ विपक्षी दलों का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक साथ नजर

आया। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा, हम इंसानियत और लोकतंत्र के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अखिलेश यादव व तेजस्वी यादव ने चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इसमें रेवंत रेड्डी, सौगत, गौरव गोगोई, दीपेंदर सिंह हुड्डा, नेहा बोरा, और संजय सिंह व सौरभ भारद्वाज समेत इंडिया गठबंधन के बहुत सारे नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कई नेताओं और कई छात्र-कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया में कथित वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर इंडिया गठबंधन ने सड़कों से लेकर सर्वोच्च अदालत तक एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड जंक्शन से ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ की शुरुआत हुई। हाथों में तिरंगा, संविधान की प्रतियां और तानाशाही विरोधी तख्तियां थामे हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ा।

प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 37,000 से अधिक जवान तैनात थे।

कनॉट प्लेस से शुरू किया ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’

अर्धसैनिक बलों के 37,000 से अधिक जवान तैनात

राजीव चौक, पटेल चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय समेत 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद कर दिए गए और सीमाओं पर

बैरिकेड्स तोड़े जाने से तनावपूर्ण हुई स्थिति

मार्च के दौरान सुरक्षा वैरिकेड्स तोड़े जाने से स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इसके बावजूद, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और सौगत राय की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई और औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन और याचिका में तीन मुख्य मांगें रखी गईः मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर तुरंत रोक तथा चुनाव आयुक्तों के चयन बोर्ड में सीजेआई को दोबारा शामिल करना तथा पोस्टल बैलेट के जरिए हुई कथित धांधली की निष्पक्ष जांच।

कड़ी नाकेबंदी की गई।

इस मार्च की अगुवाई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने की। उनके साथ विपक्षी दलों का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक साथ नजर

आया। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा, हम इंसानियत और लोकतंत्र के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अखिलेश यादव व तेजस्वी यादव ने चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इसमें रेवंत रेड्डी, सौगत, गौरव गोगोई, दीपेंदर सिंह हुड्डा, नेहा बोरा, और संजय सिंह व सौरभ भारद्वाज समेत इंडिया गठबंधन के बहुत सारे नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कई नेताओं और कई छात्र-कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया।

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