रुड़की। बीती रात हुई मूसलधार बारिश ने नगरवासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए, वहीं रामपुर चुंगी क्षेत्र तो मानो एक ‘स्थायी समुद्र’ में तब्दील हो गया।
सुबह से अपने-अपने कार्यों पर निकले हजारों लोग जलभराव के कारण रामपुर चुंगी से नहीं गुजर सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। भारी वाहनों को भी इस क्षेत्र से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हर गली-मोहल्ला बना तालाब
शहर के गली-मोहल्लों और प्रमुख वार्डों में भारी जलभराव से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह ठप हो गई। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को घरों में कैद रहना पड़ा। गलियों में पानी भरने से न केवल आवाजाही बाधित हुई, बल्कि कई घरों में भी पानी घुसने की खबरें सामने आई हैं।
रामपुर चुंगी: वर्षों पुरानी समस्या अब भी जस की तस
रामपुर चुंगी पर जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर वर्ष बरसात के मौसम में यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होता है। कई बार पानी की गहराई दो से तीन फीट तक पहुंच जाती है, जिससे यह क्षेत्र वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए खतरनाक बन जाता है।
इस गंभीर समस्या के पीछे मुख्य कारण है – मुख्य नाले पर अतिक्रमण और बढ़ती जनसंख्या के बीच बेतरतीब निर्माण। पहले जहाँ बरसात का पानी बिना रुकावट नाले से होते हुए नदी में चला जाता था, अब वहीं पानी नाले में अटक कर पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर देता है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले 10–12 वर्षों से गंभीर होती जा रही है, लेकिन आज तक न तो कोई स्थायी समाधान निकाला गया है और न ही जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से लिया है। जनता की नाराज़गी अब खुलकर सामने आ रही है।
रिपोर्ट: हिन्द सन्देश टाइम्स संवाददाता, रुड़की