*देव उठनी एकादशी: भगवान विष्णु के जागरण का पर्व*पंडित अजीत पाठक ज्योतिषाचार्य

उत्तर प्रदेश महराजगंज

देव उठनी एकादशी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के जागरण का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और सृष्टि में शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। देव उठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

*देव उठनी एकादशी 2025 की तिथि और मुहूर्त*

देव उठनी एकादशी 2025 की तिथि 1 नवंबर 2025 है, और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 14 मिनट से लेकर 10 बजकर 8 मिनट तक है। पारण का समय 2 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से लेकर 3 बजकर 23 मिनट तक है।

*देव उठनी एकादशी की पूजा विधि*

देव उठनी एकादशी की पूजा विधि में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:

– *स्नान और वस्त्र*: सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र पहनें।

– *पूजा की तैयारी*: साफ चौकी पर विष्णु जी की प्रतिमा को स्थापित करें और उन्हें पीले फूल, अक्षत, चंदन और तुलसी अर्पित करें।

– *दीपक जलाना*: भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं और विधिवत पूजा करें।

– *कथा और आरती*: देव उठनी एकादशी की कथा का पाठ करें और भगवान विष्णु की आरती करें।

*देव उठनी एकादशी का महत्व*

देव उठनी एकादशी का महत्व इस प्रकार है:

– *शुभ कार्यों की शुरुआत*: इस दिन से शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है, जैसे कि विवाह, गृह प्रवेश और नए कार्यों की शुरुआत।

– *भगवान विष्णु की कृपा*: देव उठनी एकादशी की पूजा और व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

– *पापों से मुक्ति*: इस दिन व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

*निष्कर्ष*

देव उठनी एकादशी भगवान विष्णु के जागरण का पर्व है, जो जीवन में सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति का प्रतीक है। इस दिन की पूजा और व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है

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