दिल्ली धमाके का दर्द, बिखर गए सपने
दिल्ली विस्फोट में उजड़ गईं कई परिवारों की जिंदगियां
हिन्द सन्देश टाइम्स
दिल्ली में हुए धमाके ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अपनों को खोने के गम में डूबे परिजन फूट-फूटकर रो रहे हैं। इस हादसे ने कई जिंदगियां उजाड़ दीं और अनगिनत सपने चकनाचूर कर दिए। मृतकों के परिवार वालो का रो-रोकर बुरा हाल है, हर तरफ मातम छाया हुआ है। लाल किला धमाके में मारे गए मृतक अमर कटारिया की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। अमर कटारिया दिल्ली के श्रीनिवासपुरी के रहने वाले थे। लोक नायक अस्पताल के शतगृह में विस्फोट में मारे गए पंकज के शव की शिनाख्त कराई गई। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पंकज का शव देखकर परिजन गमगीन हो गए। ऐतिहासिक लाल किला के पारा सोमवार शाम को हुए कार धमाके के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। धमाके की गूंज शांत होते ही राहगीरों की नजरें मानव अंगों के चीथड़ों पर पड़ी। अगले ही पल मंजर चीत्कारों से गूंज उठा। चश्मदीदों के अनुसार, शुरुआती कुछ पल में तो किसी को कुछ समझ नहीं आया। मगर हादसे की भयावहता को देखते हुए राहगीरों ने घायलों की मदद करनी शुरू कर दी। आलम यह हुआ कि एंबुलेंस आने से पहले ही घायलों को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच कुछ लोगों ने अपने निजी वाहनों से भी घायलों की मदद की। लोगों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सड़क पर धुआ फैल गया और कई वाहनों में आग लग गई। धमाके के बाद कुछ देर तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। वहीं, कराहती आवाजों को देख राहगीरों ने मानवता का परिचय देते हुए सबकी मदद करनी शुरू कर दी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में फंसे लोग ही एक-दूसरे की सहायता कर घटना से उबरने का प्रयास करने लगे।