छात्र हितों की रक्षा के लिए यूजीसी एक्ट 2026 लागू करने की मांग

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राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव व उत्पीड़न रोकने पर जोर

कुशीनगर।
उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ते भेदभाव, छात्र उत्पीड़न और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए आज अपनी जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने University Grants Commission एक्ट 2026 को लागू करने की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी राजेश श्रीवास्तव को सौंपा।

ज्ञापन में उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और संविधान सम्मत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। जिला अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 लागू होने से धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर होने वाले भेदभाव पर प्रभावी रोक लगेगी और छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

जिला मीडिया प्रभारी सज्जन गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित कानून संस्थानों में हो रहे अपराधों तथा छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि कई मामलों में छात्र आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाते हैं, ऐसे में पीड़ितों को न्याय दिलाने और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए इस कानून का शीघ्र लागू होना आवश्यक है।

ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 18, 21 एवं 21-ए के तहत समानता, गरिमा और शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की मांग की गई। साथ ही देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सामने आए छात्र आत्महत्या के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सुभाष कुशवाहा, चंदेश्वर कुशवाहा, उमर अंसारी, दीपू ब्याहुत, कैलाश प्रसाद, ई. अतुल निषाद, अहमद अली राईनी (प्रदेश महासचिव), बेचू खान (प्रदेश उपाध्यक्ष), हाफिज ताहिर अली (प्रदेश सचिव), दिनेश चौधरी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में छात्र हितों की रक्षा हेतु सरकार से इस कानून को शीघ्र लागू करने की मांग की।

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