महराजगंज। जिले के शिक्षा प्रेरकों ने लंबे समय से मानदेय का भुगतान न होने और समायोजन की मांग पूरी न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्रेरकों का कहना है कि वर्षों से वे सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। उनका कहना है कि परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है और कई प्रेरक आर्थिक तंगी के कारण भुखमरी जैसी स्थिति का सामना करने को मजबूर हैं।
शिक्षा प्रेरकों का कहना है कि उन्होंने साक्षरता अभियान और शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बावजूद न तो उनका बकाया मानदेय समय पर दिया गया और न ही भविष्य की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए समायोजन की कोई व्यवस्था की गई। उनका आरोप है कि बार-बार शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया।
प्रेरकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में बिना नियमित आय के परिवार चलाना बेहद कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दैनिक जरूरतों की पूर्ति तक प्रभावित हो रही है। कई प्रेरकों ने आर्थिक तंगी के कारण कर्ज लेने की बात भी कही है।
शिक्षा प्रेरकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने तथा शिक्षा प्रेरकों के समायोजन के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है, ताकि उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिल सके।
प्रेरकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि वे लंबे समय से धैर्य के साथ सरकार के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब उनकी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।