नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का गौरव, मिग-21, 60 वर्षों की लंबी और सफल सेवा के बाद औपचारिक रूप से वायुसेना से विदा हो गया। 1965 के युद्ध से लेकर 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक तक इस विमान ने कई ऐतिहासिक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मिग-21 को वायुसेना का “बाहुबली” कहा जाता रहा है। इसने 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में दुश्मन को करारा जवाब दिया। कारगिल संघर्ष में भी इस विमान का उपयोग हुआ और 2019 में पाकिस्तान पर किए गए बालाकोट एयरस्ट्राइक में भी इसकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
विदाई समारोह के अवसर पर वायुसेना प्रमुख ने पैंथर्स स्क्वाड्रन में मिग-21 की अंतिम उड़ान भरी और इस ऐतिहासिक विमान को सलामी दी।
भारतीय वायुसेना के लिए मिग-21 केवल एक लड़ाकू विमान नहीं बल्कि गौरव, साहस और शौर्य का प्रतीक रहा है। इसकी विदाई वायुसेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हो गई है।