फर्जी प्रमाणपत्र पर 4 शिक्षक बर्खास्त, एक और पर कार्यवाही जारी

उत्तर प्रदेश महराजगंज

महराजगंज शिक्षा विभाग में बड़ा एक्शन : फर्जी प्रमाणपत्र पर 4 शिक्षक बर्खास्त, एक और पर कार्यवाही जारी

महराजगंज :- बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पांडेय ने चार शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जांच में इन सभी का शैक्षिक अथवा पात्रता प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। डीबीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि इन शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। वहीं, एक अन्य महिला शिक्षक का भी प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है, जिन पर जल्द कार्यवाही होगी।



बर्खास्त किए गए शिक्षक

1. शिवशंकर यादव – प्राथमिक विद्यालय परसौनी, ब्लाक मिठौरा में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात थे। 22 अगस्त 1995 को नियुक्त हुए थे। जांच में उनका हाईस्कूल (1977) और इंटर (1979) का प्रमाणपत्र फर्जी निकला।

2. घनश्याम – परतावल ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय परसौना में सहायक अध्यापक थे। उनका हाईस्कूल प्रमाणपत्र (1984) फर्जी पाया गया। उन्होंने 1997 में बहराइच जिले में नियुक्ति पाई थी और 2003 में महराजगंज में स्थानांतरित होकर आए थे।

3. शबाना खातून – घुघली ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर में सहायक अध्यापक थीं। 2013 के फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर 16 मार्च 2016 को नियुक्त हुई थीं।

4. खुश्बूद्दीन– परतावल ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पिपरा खादर में सहायक अध्यापक थे। उनका भी 2013 का टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी निकला। इन्होंने भी 16 मार्च 2016 को ही नौकरी पाई थी।

एक और शिक्षक पर गिरेगी गाज

परतावल ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बसहिया बुजुर्ग में तैनात जगलक्ष्मी का भी टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। इनके खिलाफ भी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डीबीएसए का बयान

डीबीएसए रिद्धी पांडेय ने साफ कहा है कि शिक्षा विभाग में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, उन्हें सेवा से बाहर कर दिया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।

यह कार्यवाही शिक्षा विभाग में फैले फर्जी प्रमाणपत्र के खेल पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।

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