देश भर में छठ को लेकर जोरों-शोरों पर तैयारी
हिन्द सन्देश टाइम्स
शिव शमभू सिंह
नई दिल्ली। भारत भर में सूर्य देव को समर्पित चार दिनों का छठ पूजा का भव्य त्योहार धूमधाम से मनाए जाने की तैयारी चल रही है। 25 अक्टूबर से शुरू हो रहे इस त्योहार से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाजों में लगभग 150 मिलियन भका शामिल
पर्व पर 38,000 करोड़ रु. का व्यापार होने की उम्मीद
हो रहे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, इस वर्ष छठ पूजा से देश में लगभग 38.000 करोड़ रुपए का आापार होने की उम्मीद की जा रही है। बीते वर्ष छठ पूजा को लेकर यह आंकड़ा 31,000 करोड़ था, जो कि 7000 करोड़ रुपए की वृद्धि को दिखाता है। जबकि इससे पहले 2023 में नही आंकड़ा 27,000 करोड़ रुपए था, जो कि छठ से जुड़े व्यापार में समय के साथ हो रही बढ़ोतरी को दशांता
संस्कृति का अहम हिस्सा है छठ पर्व
इसके अलावा, हाथ से बनी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री में भी उछाल देखा जा रहा है। खंडेलवाल ने कहा, छट पूजा केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। यह पर्व सामाजिक सद्भाव और समर्पण का प्रतीक है। यह व्यापार को भी बढ़ावा देता है और सीधे स्थानीय उत्पादकों को फायदा पहुंचाता है, जिससे पीएम मोदी वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत ‘विजन को मजबूती मिलती है।
है। कैट की ओर से कहा गया है कि फेवल दिल्ली में बिक्री इस वर्ष 6,000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर जाने की उम्मीद है। छठ पूजा का यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र, विदर्भ और मध्य प्रदेश में रह रहे लोगों द्वारा मनाया जाता है। इसके अलावा, वेश के अलग-अलग राज्यों में रह रहे लाखों पूर्वांचली लोग भी इस पर्व को मनाते हैं। कैट के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि छठ पूजा के त्योहार से जुड़े मुख्ा सामान में सूप, पौरा, बांस की टोकरियां, मिट्टी के पीये, गन्ना, केला, नारियल, सेब, नींबू जैसे फरल, गेहूं और चावल का आटा, पारंपरिक ठेकआ जैसी मिठाइयां, खजूर, पूना का सामान, साड़ियों, पारंपरिक कपड़े, सजावट का सामान, दूध, घी, बर्तन, टेंट और मेहमाननवाजी की सेवाएं शामिल हैं।