अध्यक्ष उमेश चंद्र जायसवाल ने कर्मचारी दिग्विजय सिंह पर लगाया अभद्रता का आरोप, पुलिस ने दोनों पक्षों से ली तहरीर, जांच में जुटी
महराजगंज । नगर पंचायत पनियरा में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब अध्यक्ष और एक संविदा कर्मचारी के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला गाली-गलौज और धमकी तक जा पहुँचा। घटना से नगर पंचायत कार्यालय में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और कर्मचारी आपस में चर्चा करते नजर आए।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश चंद्र जायसवाल का शुक्रवार को कार्यालय में कार्यों की समीक्षा को लेकर कुछ कर्मचारियों से संवाद चल रहा था। इसी दौरान संविदा कर्मी दिग्विजय सिंह से किसी मुद्दे पर कहासुनी हो गई। आरोप है कि दिग्विजय सिंह ने अध्यक्ष के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
अध्यक्ष उमेश जायसवाल ने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है जब संबंधित कर्मचारी ने अनुशासनहीनता की। पूर्व में भी वह कई बार विवादित आचरण कर चुका है, जिसकी शिकायतें प्रशासन तक पहुँच चुकी हैं। अध्यक्ष ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि कार्यालय का माहौल बिगाड़ने और कामकाज में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, घटना के दौरान मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी दोनों के बीच हुई कहासुनी की पुष्टि की है। हालांकि, आरोपी कर्मचारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है और कहा है कि अध्यक्ष द्वारा उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे वह आक्रोशित हो गया।
इधर, पनियरा पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद नगर पंचायत कार्यालय में कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। कई कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विवादित कर्मचारी का व्यवहार पहले भी कई बार विवाद का कारण बन चुका है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से उसका मनोबल बढ़ा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर पंचायत जैसे संवेदनशील दफ्तरों में अनुशासन और मर्यादा का पालन आवश्यक है। ऐसे मामलों में प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा ना हो।