पावन यह गणतंत्र हमारा रचनाकर आशा शर्मा
खड़ा कुशीनगर शिव शंभू सिंह आजादी से सुरभित जीवन देश,काल,उन्नति का यौवन कालजयी संस्कृति का दर्पण सब धर्मों का सुंदर संगम! ऐसी भारत-भूमि को वंदन नतमस्तक हम करें अभिनंदन सजा चलें मस्तक पर चन्दन विश्व- विजय की ध्वजा विहंगम! करने गर्वित त्रिवर्ण स्वर को गाँधी,नेहरू,शास्त्री आये न्योछावर हो निज आहुति को माँ के पुत्र-सुपुत्री आये! […]
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